महर्षि सदाफल देव आश्रम झूँसीए प्रयाग

महर्षि सदाफल देव आश्रम में महाकुम्भ पर्व के पावन अवसर पर आयोजित हो रहे संगीतमय स्वर्वेद कथामृत समारोह में उपसिथत हजारों भक्तों को सम्बोधित करते हुए संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज ने कहा कि कुम्भ हमारी सांस्Ñति परम्परा का महापर्व एवं सभ्यता का संगम है। यह आत्म जागृति का प्रतीक तथा मानवता का अनंत प्र्रवाह है। कुम्भ पर्व का पर्व सांस्Ñतिक हैए धार्मिक हैए पौराणिक हैए राजनैतिक एवं अध्याति3मक हैए परंतु हमें ऐसा लगता है कि इसका पौराणिक महत्व को हम जानते हैं सांस्Ñतिक महत्व भी जानते हैंए लेकिन इसके आध्यातिमक अर्थ को आज जन.मानस तक पहुँचाने की जरूरत है। कुम्भ पर्व का आघ्यातिमक पर्व है वहीं ब्रह्राविधा विहंगम योग के द्वारा आज प्रसारित हो रहा हैए प्रचारित हो रहा है। कुम्भ शब्द का मौलिक अर्थ कलष होता और इस कलष में अमृत है। शरीर रूपी कलष में जो अमृत तत्व हैए वह आत्म तत्व एवं परमात्म तत्व है। शरीर रूपी कलष प्राप्त हुआ है उस अनन्त अमृत की यात्रा के लिए। उस अमृत तत्व आत्मा और परमात्मा को प्राप्त करने के लिए स्व में सिथत होकर उस परम तत्व को साक्षात करने के लिए ऋषियों द्वारा बार.बार संदेष दिया गया. श्मृत्योर्मा अमृतं गमय मृत्यु से अमरत्व की ओर बढ़ोए अमरत्व की ओर बढ़ने का संदेष है।
सन्त श्री ने कहा कि कुम्भ पर्व को मात्र कर्म.काण्ड तकए मात्र स्नान तक एवं धार्मिक कृत्य सीमित न रख इसके यथार्थ आध्यातिमक महत्ता को जन.जन तक पहुँचाने कि बहुत बड़ी आवष्यकता है। आज विष्व की नजर इस कुम्भ पर है। भारतीय संस्Ñति के इस पुरातन पर्व का अध्यातिमक महत्व सबसे महत्वपूर्ण है। आनितरिक त्रिवेणी में मानव पवित्र हो जाता है। संगम में वाहय स्नान एक प्रतीक मात्र हैए वस्तुतरू मन के आनितरिक स्नान से ही जीवन में वास्तविक शुद्धता प्राप्त होती है। अन्तरूकरण की शुद्धि कुम्भ का वास्तविक संदेष है।
समारोह में प्रतिदिन कुषल चिकित्सकों के निर्देषन में निरूषुल्क आसन.प्राणायाम प्रषिक्षणए चिकित्सा षिविर एवं आये हुए सभी भक्तों के लिए आवासीय एवं भण्डारे का उचित प्रबंध किया गया है। विहंगम योग संस्थान के तत्वाधान में कुम्भ में आये हुए सभी भक्तों के लिए निरूषुल्क चिकित्सा परामर्ष षिविर की व्यवस्था किया गया हैए जिसमें मधुमेहए उच्च रक्त चापए कमरदर्दए गठियाए साइटिकाए मानसिक चिकित्सा परामर्ष कुषल चिकित्सकों के निर्देषन में दिया जा रहा है यह षिविर कुम्भ मेला तक अनवरत चलता रहेगा।

Groups audience: